Water Cooling System in Hindi | वाटर कूलिंग सिस्टन किया है?

Water Cooling System in Hindi: वाटर कूलिंग सिस्टम, ये एक प्रकार का कूलिंग सिस्टम ही जिमसे लिक्विड य फिर पानी का इस्तेमाल किया जाता है. कूलिंग सिस्टम गाड़ी मैं बोहित ह जरुरी एक सिस्टम है जिसमे गाड़ी की पूरी इंजन को ठंडा किया जाता है। आज इसी आर्टिकल मैं, मैं आपको बताऊंगा की कैसे वाटर कूलिंग सिस्टम(water cooling system in hindi) एक इंजन मैं काम करता है।

Water Cooling System in Hindi

वाटर कलिंग सिस्टम मैं पानी या फिर लिक्विड का इस्तेमाल किया जाता है. गाड़ी मैं जो हीट पैदा होता है वो भोत ही जद्दा होता है। जब गाड़ी मैं एयर-फ्यूल का कबुस्तिओं होता है तब २५०० डिग्री सेल्सियस के ऊपर तपमात्र पोहोच जाता है. गाड़ी के इंजन मैं बोहोत ऐसा पारर्ट्स होते है जिसको सही तपमात्र मैं रखना पड़ता है।

विभिन्न शीतलन विधियों में से, जल शीतलन प्रणाली आधुनिक इंजनों के लिए सबसे प्रचलित और प्रभावी समाधान है। वाटर कूलिंग सिस्टम से पहले एयर कूलिंग सिस्टम इंजन मैं काम करता था. लेकिन वो सिस्टम ज्यादा कारीगर साबित नहीं हुआ. इसी लिए अकाल गाड़िओ मैं वाटर कूलिंग सिस्टम इस्तेमाल होता है. बोहोत सरे कंपोनेंट्स एक साथ इंजन मैं काम करता है और इस्सके मदत से वाटर कूलिंग सिस्टम अच्छे से गाड़िओ मैं इस्तेमाल होता है.

Components of Water Cooling System in Hindi | वाटर कूलिंग सिस्टम का घटक

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वाटर कूलिंग सिस्टम मैं बोहोत सरे कंपोनेंट्स का इस्तेमाल होता है. सरे कम्पोनेटंस का एक साथ काम करने पे ही वाटर कुलंग सिस्टम। तो वो सरे कंपोनेंट्स है:

रेडियेटर

यह पहला और सबसे ज्यादा गुरुत्यपूर्ण कॉम्पोनेन्ट है. यह आपके गाड़ी मन सबसे पहल की भाग मैं रहता है. गाड़ी मैं रेडियेटर का बोहोत बड़ा काम होता है. इस रेडियेटर मैं बोहोत सरे छोटे छोटे पाइप्स रहते हैं जिसमे गरम कूलैंट को पास किया जाता है, और यह गरम कूलैंट यह पर ठंडा होक इंजन मैं डिलीवर किया जाता.

कूलिंग फैन

कूलिंग फैन रेडियेटर के पीछे ही होता है. इस फैन काम होता है अट्मॉस्फेरे मैं जो हवा है उसको अपनी और कीच लाना. इसमें के फ़ायदा यह है की जो रेडियेटर के बिथर गरम लिक्विड है उसको जल्दी ठंडा किया जाये. इस कूलिंग फैन इंजन चालू होने से ये भी घूमने लगता है.

रेडियेटर कैप

रेडियेटर कैप मैं से आपको कूलैंट डालना होता है. यह कैप का काम है कूलैंट को स्टोर करके रखना. यह कैप अच्छे से टाइट होना चाइये नहीं तो कूलैंट बहार गिर सकता है.

कूलैंट

शीतलक, पानी और एंटीफ्रीज का मिश्रण, इंजन से गर्मी को अवशोषित करता है और ठंडे तापमान में जमने से रोकता है। इसमें जंग को रोकने और गर्मी हस्तांतरण को बेहतर बनाने के लिए एडिटिव्स भी शामिल हैं। कूलैंट अगर काम यह ज्यादा हो जाये तो गाड़िओ मैं बोहोत दिक्खत होता है. इंजन मैं कूलैंट का परिमाण हमेसा देख के डालना चाइये. जो भी कूलैंट आप इस्तेमाल करते है उसका मन और आपके इंजन के लिए बो ठीक है की नहीं उसका जांच कर लेना बोहोत जरुरी है.

वाटर पंप

वाटर पंप एक बोहोत ही जरुरी कॉम्पोनेन्ट है जो की वाटर कूलिंग सिस्टम मैं इस्तेमाल होता है. इस वाटर पंप का काम है की कूलैंट तो अपने अंदर भर के उसको हर्र एक प्रणाली मैं भेज देना. वाटर पंप रिजर्वायर से कूलैंट को सूचक करता है और फिर उसी कूलैंट को अपने अंदर मैं कंप्रेस कर के इंजन के वाटर जैकेट मैं भेज देता है. इससे कूलैंट के प्रक्रिया बोहोत अच्छे से होता है.

थर्मोस्टेट वाल्व

थर्मोस्टेट वाल्व रेडियेटर के ऊपर के भाग मैं रहता है. इसका काम है के इंजन के वर्किंग टेम्परेचर तक को रीच करवा देना. इसके मदत से गद्दी मैं इंजन के स्टार्ट होने मैं काम से काम टाइम लगता है. इसी थर्मोस्टेट वाल्व मैं प्रेशर गेट होता है, जब यह वाल्व बंद होता है तो इसी प्रेशर गेट से बी-पास सिस्टम के मदत से इंजन मैं कूलैंट का संचार होता है.

पाइप्स

पाइप्स का इस्तेमाल कूलैंट का संचार करने के लिए किया जाता है. कूलैंट जितने भी टाइम इंजन के सरे पॉइंट्स मैं संचार होता है,उसमे इस पाइप और होसेस का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है. ये पाइप अगर ढीला हॉग तो कूलैंट लोस्स होने का खतरा रहता है. तो जब भी कूलैंट की होसेस को खोला जायेगा तो लगाने के टाइम यह जरूर पता कर लेना की टाइट ठीक से किया गया है की नहीं.

Water Cooling System Working | वाटर कूलिंग सिस्टम काम कैसे करता है?

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इंजन मैं तंपमात्र बोहोत ही ज्यादा होता है, करीब २५०० डिग्री सेल्सियस के अस पास होता है. तो इसको ठंडा करने के लिए कूलत का इस्तेमाल किया जाता है. जब भी इंजन को चालू किया जाता है, जब इंजन मैं तपमात्र की ज्यादा जरुरत होता नहीं है, और इस टाइम मैं थर्मोस्टेट वाल्व बंद रहता है और बी पास सिस्टम से इंजन मैं कूलैंट का संचार होता है.

जब भी थर्मोस्टेट वाल्व खुल जाता है, तब रेडियेटर के निचले हिस्से मैं वाटर पंप कूलन को सक्शन के मदत से सूचक कर लेता है. कूलैंट जब भी पंप के अंदर अत है तब इसको प्रेशर मैं पंप के अंदर मैं तोडा जाता है. तभी इस कूलैंट की काम करने का या फिर इसका घंटया बढ़ जाता है.

उसके बाह पंप अपना कंट्राडिक बल से कूलैंट को वाटर जैकेट मैं प्रेशर से भेज जेता है. उसे बाद यह कूलैंट इंजन के हीट को शोक कर इंजन को ठंडा कर देता है. उसके बाद यह कूलैंट परेसुरे से रेडियेटर के ऊपर वाले भाग मैं भेज दिया जाता है. रेडियेटर के ऊपर के बाद यह कूलैंट रेडियेटर मैं लगे हुए फिन्स के मदत से धीरे धीरे नीचे गिरने लागत है. यह धीर गति कूलैंट को ठंडा करने मैं मदत करता है. जब भी कूलैंट नीचे आने लगता है, तब कूलैंट फैन हवा को इन फिन्स के भेटेर से खीचने लगता है, तो यह ठंडा होने का प्रक्रया जल्दी जल्दी से होता है.

यह पूरा प्रक्रिया बार बार दोहराया जाता है, इसके मदत से इंजन मैं इस्तेमाल होने वाले सरे पार्ट्स अच्छे से काम कर पता है.

Advantages of Water Cooling System | वाटर कूलिंग सिस्टम का उपकारिता

वाटर कूलिंग सिस्टम का बोहोत सरे उपकारिता है, जिसमे इसके सब से बड़ी उपकारिता यह है की इसके मदत से इंजन का फ्यूल इकॉनमी इनक्रीस हो जाता है. तो जो उपकारिता है, वो सब है:

  1. कूलत या फिर वाटर का भोत ज्यादा दिसिपीअते करने का समता है, उसके मदत से गर्मी जो इंजन मैं होता है वह बोहोत आसानी से और अच्छे से निकला जाता है.
  2. एकसमान तापमान बनाए रखकर, जल शीतलन प्रणालियां इंजन के प्रदर्शन और दीर्घायु को बढ़ाती हैं, घटकों पर तापीय तनाव को कम करती हैं और क्षति को रोकती हैं।
  3. वाटर कूलिंग सिस्टम से इंजन का डिज़ाइन ज़्यादा कॉम्पैक्ट बनता है। रेडिएटर और वाटर पंप को इंजन बे में एकीकृत किया जा सकता है, जिससे एयर-कूल्ड सिस्टम द्वारा आवश्यक बड़े कूलिंग फिन की ज़रूरत खत्म हो जाती है।
  4. वाटर-कूल्ड इंजन, एयर-कूल्ड इंजन की तुलना में अधिक शांत तरीके से काम करते हैं, जो बड़े, शोर करने वाले पंखों पर निर्भर होते हैं। यह अधिक आरामदायक ड्राइविंग अनुभव में योगदान देता है।

निष्कर्ष

वाटर कूलिंग सिस्टम इंजन मैं इस्तेमाल किये जेने वाले ससे ज्यादा असाइडर कूलिंग सिस्टम है. इसके मदत से आपके इंजन मैं फ्यूल कोन्सुम्प्शन रेट को भी काम किया जाता है. वाटर कूलिंग सिस्टम मैं सभी कंपोनेंट्स एक साथ काम करता है, और इसके मदत से सरे पार्ट्स मैं घरसँ होने का खतरा काम हो जाता है. मॉडर्न गाड़िओ मैं और भी ज्यादा आधुनिक वाटर कूलिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है.

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